अलीपुरद्वार-दिल्ली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस आरा में सिग्नल पार कर पटरी से उतरी, मुख्य लाइन पर असर

बिहार के आरा जंक्शन के पास आज सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अलीपुरद्वार-दिल्ली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस (15483 अप) आरा स्टेशन के पास एक सिग्नल पार करने के बाद पटरी से उतर गई। दानापुर डिवीज़न के कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी सुबह करीब 5 बजे मिली, जिसके बाद तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया गया।

क्या हुआ?

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन आरा स्टेशन के अप लूप लाइन (प्लेटफॉर्म-2) पर थी, तभी वहां का स्टार्टर सिग्नल लाल यानी रोकने के संकेत पर था। इसके बावजूद ट्रेन आगे बढ़ गई और आरा के ट्रैप पॉइंट के पास एसएसएम लाइन पर पटरी से उतर गई। यह घटना सुबह करीब 4:12 बजे हुई। ट्रेन को जीज़ीबाद बेस के WAP-7 लोकोमोटिव (नंबर 39525) खींच रहा था। रेलवे के मुताबिक ट्रेन के लोको क्रू ने ड्यूटी शुरू करने से पहले करीब 11 घंटे का आराम किया था, यानी क्रू की थकान की वजह इसका कारण नहीं लगती।

कितना नुकसान हुआ?

हादसे में ट्रेन के अगले हिस्से की दो पावर कार प्रभावित हुईं, एक पावर कार के दो पहिए हावड़ा छोर की तरफ और दूसरी पावर कार का एक पहिया दिल्ली छोर की तरफ पटरी से उतरा। राहत की बात यह है कि यात्रियों वाले डिब्बों में कोई डिरेलमेंट नहीं हुआ और अभी तक किसी यात्री या रेलकर्मी के घायल होने की खबर नहीं है।

ट्रैफिक पर असर

हादसे के बाद आरा सेक्शन में मुख्य लाइन पर दोनों दिशाओं (अप और डाउन) की ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। फिलहाल ट्रेनों को प्लेटफॉर्म-1 के ज़रिए निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है।

राहत कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही दानापुर से एआरएमई (दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण ट्रेन) सुबह 4:15 बजे बुलाई गई, जो 4:45 बजे दानापुर से रवाना हो गई। इसके अलावा दानापुर से एआरटी (दुर्घटना राहत ट्रेन) भी 4:22 बजे बुलाई गई, जो 5:28 बजे रवाना हुई। सिग्नल और पटरी की जांच के लिए तकनीकी टीम को भी मौके पर भेजा गया है।

आगे क्या?

घटना की पूरी और अंतिम डिटेल अभी आनी बाकी है। सिग्नल पार होने के पीछे की असल वजह की जांच रेलवे के संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।