मनिहारी में दोहरीकरण और सीधी ट्रेन की मांग खारिज, रेलवे ने बताया कटिहार से मिलेगा कनेक्शन

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मनिहारी क्षेत्र से जुड़ी कई मांगें रेलवे बोर्ड के सामने रखी थीं। उत्तर पूर्व सीमा रेलवे ने अब इन मांगों पर अपना जवाब भेज दिया है, जिसमें ज़्यादातर बड़ी मांगों को फिलहाल संभव नहीं बताया गया है।

कटिहार-मनिहारी लाइन के दोहरीकरण की मांग खारिज

सांसद ने कटिहार-मनिहारी रेलखंड के जल्द दोहरीकरण (डबल लाइन) की मांग की थी ताकि यातायात क्षमता बढ़ सके। रेलवे ने साफ किया है कि फिलहाल इस सेक्शन के दोहरीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है।

मनिहारी से सीधी ट्रेन की मांग, रेलवे ने बताया कटिहार से मिलेगा विकल्प

सांसद ने मनिहारी से पटना, दिल्ली, कोलकाता और सिलीगुड़ी के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की थी। रेलवे ने बताया कि मनिहारी स्टेशन पर ट्रेनों के रखरखाव की सुविधा न होने के चलते यहां से सीधी ट्रेन शुरू करना फिलहाल संभव नहीं है। हालांकि, मनिहारी और कटिहार के बीच पहले से 4 जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं, और कटिहार खुद पटना, दिल्ली, कोलकाता व सिलीगुड़ी से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

रूटट्रेनों की संख्या
कटिहार-पटना11
कटिहार-दिल्ली/नई दिल्ली/आनंद विहार20
कटिहार-कोलकाता5
कटिहार-सिलीगुड़ी10
कुल46

रेलवे के मुताबिक मनिहारी के यात्री कटिहार स्टेशन जाकर इन्हीं मौजूदा 46 जोड़ी ट्रेनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मालगाड़ी सुविधा की मांग पर क्या कहा रेलवे ने?

क्षेत्र में कृषि और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मालगाड़ी सुविधा की मांग पर रेलवे ने बताया कि मनिहारी कटिहार डिवीजन के अंतर्गत एक 'बी' श्रेणी का स्टेशन है, जहां दो लाइनें हैं। फिलहाल किसी भी व्यापारी की तरफ से माल ढुलाई की मांग नहीं है, लेकिन भविष्य में मांग आने पर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बाकी मांगें ऑपरेटिंग विभाग के दायरे में नहीं

सांसद ने मनिहारी स्टेशन के पूर्ण विकास, गंगा फेरी घाट और स्टेशन के बीच बेहतर समन्वय, लेवल क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज-अंडरपास और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता जैसी मांगें भी रखी थीं। रेलवे ने बताया कि ये सभी विषय परिचालन विभाग के दायरे में नहीं आते, यानी इन पर जवाब देने के लिए अलग विभागों को देखना होगा।

ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की मांग स्वीकार

सांसद की एक मांग, यानी ट्रेनों का नियमित, समयबद्ध और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने की मांग को रेलवे ने नोट किया है।